एक दिन तो तुम भी "आजादी" का जश्नन
मनाते हो।
है, वतन के लिए "कुछ" करने की तमन्ना
तब, ही "तिरंगा" फहराते हो ।
चाहें तो, सरहद ,पे
चल read more >>
तेरी बाहों ,में सोने कि चाहत ने,
मुझे ,
सरहद, का सिपाही बना दिया ।
उस मिट्टी के लिए ,
मै मिट्टी हो गया,
जिस,
मिट्टी को तुम अपनी 'माँ' कहते ह read more >>
आं....शू........
बहे उज्वला मन कि निष्ठा बन,
ज़ो धरे हरित्त हरियाली कि!
आं...शू........
और मान प्रत्तीष्ठा का गौरव,
आंशु केशरिया उमंग सम् लाली सी!! read more >>
1तेरी चाहत पर अगर शायरी लिखूँ,
यह दिल कही शायर ना बन जाए....।
तेरी नशीली आँखों को अगर देखूँ,
यह दिल कहीं नशें में ना डूब जाए....।
मत देख इतना � read more >>