सेनानी भारत वर्ष के ,
पग पीछे हटा सकते नहीं ।
है संजोया वीरों ने जो ,
मान घटा सकते नहीं ।
बंदिश में गर कोई दर्द दे ,
तो मातृभूमि के लिए हम � read more >>
मन तो मन है, कैसे इसे टोकूं मैं ?
रो रहा है हर समां,
प्रिय कैसे आंसू रोकूं मैं ?
आना था,
मुन्ने के नामकरण जश्न में।
पहले ही आ गए,
लिपट तिरंग read more >>
भारत माँ की दामन से आज हमने एक दाग मिटाया है,
मेरे प्यारे कश्मीर को आज हमने भारत में मिलाया है,
दुश्मनों से ओर पथ्तर बाजो से माँ को आज हम� read more >>