कविता = (अखण्ड भारत )
हिंदी तब मातृभाषा कहलाएगी !
जब हिंदी घर-घर पूजी जाएगी !!
सरकारी महकमों में हिंदी !
जब लिखी बोली जाएगी !!
भाषाओं की तु� read more >>
कविता = ( हिन्दी )
अमृत महोत्सव भी बना लिया !
सीना गर्व से फूला लिया !!
हर घर तिरंगा फहरा लिया !
आज़ादी नगमा गुन गुना लिया !!
हम हुए आज़ाद !
सोच � read more >>
"स्वामी विवेकानंद"
दुनिया के लिए आज का दिन आम है।
हम भारतीयों के लिए ये दिन खास है।
जब भी स्वामी विवेकानंद के बारे में हम पढ़ते हैं� read more >>
देश को ही नहीं, पूरे विश्व को बताना हैं
हम वासी हैं भारत के, सबको नींद से जगाना है
कर देंगे कुछ ऐसा कि होगा सबसे अलग
न बोलेंगे कुछ झूठ, न ह read more >>
हम सोच- समझकर कुछ लिख देते हैं
माता- पिता ही नहीं बल्कि सब अच्छे लगते हैं
न कहता हूं कुछ, न बोलता हूं बोल बड़े
देखोगे तुम हमे और तालियां � read more >>