मन तो मन है, कैसे इसे टोकूं मैं ?
रो रहा है हर समां,
प्रिय कैसे आंसू रोकूं मैं ?
आना था,
मुन्ने के नामकरण जश्न में।
पहले ही आ गए,
लिपट तिरंग read more >>
भारत माँ की दामन से आज हमने एक दाग मिटाया है,
मेरे प्यारे कश्मीर को आज हमने भारत में मिलाया है,
दुश्मनों से ओर पथ्तर बाजो से माँ को आज हम� read more >>
भटक रही थी बूढ़ी महिला
तम तमाती धूप में |
अधमरी सी झुकी खड़ी थी,
कंकाल के रूप में ||
उपल ,कण्डा उठा उठा कर ,
भर रही थी टोकरी. |
चाह जीने की प् read more >>
भटक रही थी बूढ़ी महिला
तम तमाती धूप में |
अधमरी सी झुकी खड़ी थी,
कंकाल के रूप में ||
उपल ,कण्डा उठा उठा कर ,
भर रही थी टोकरी. |
चाह जीने की प् read more >>
जीवन के अनेक रंगों में,
हमने भी रंग मिलाया है।
ना तेल मिला ना मिला है बाती,
पानी में दिया जलाया है।
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कुछ कर जाने की जज्बा,
मन में जब � read more >>