साहित्य लाइव का बहुत-बहुत धन्यवाद। साहित्य लाइव ने हमें लिखने का एक मंच दिया है। साहित्य लाइव में जुड़कर मैं बहुत कुछ सीख रहा हूं। क्योंकि हमें दिन में टाइम नहीं मिलता है इसलिए मैं रात को लिखा करता हूं। पहले बहुत लोग मेरा मजाक भी उड़ाते थे। परंतु जब से साहित्य लाइव पर मेरी कविताएं पब्लिश होने लगी हैं मैं बहुत गौरवान्वित महसूस करने लगा हूं। जय हिंद जय भारत।।
असीम आभार और हार्दिक धन्यवाद!
यह मेरे लिए सचमुच एक अति विलक्षण अवसर है जो केवल और केवल "साहित्य लाइव मंच" के माध्यम से संभव हो पाया है, आपकी सहायता से मेरी रचनाएंँ व्यापक रूप से लोगों तक पहुंच पा रही हैं, और मैं अपने इस सपने को साकार होते देख पा रहा हूं.
आपने मुझे मेरे मुकाम तक पहुंँचने के लिए अपार संभावनाएं प्रदान की हैं, जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था, आपके सहयोग और समर्थन के बिना यह यात्रा इतनी सुगम और सफल नहीं होती. मैं इस अविस्मरणीय योगदान के लिए तहे दिल से "साहित्य लाइव-परिवार" का आभारी हूं!
मंच- के इस असाधारण सहयोग के लिए मेरे पास शब्द नहीं है.
साहित्य लाइव प्लेटफॉर्म से जुड़कर
अपने दिल के अल्फाजों को लिखने का मौका मिला। मन प्रसन्न हुआ।
जैसे मानो हमें कोई नाव मिली हो,
और हम इसमें बैठकर, अपने विचारों पर सवार होकर जिंदगी का सफर कर रहे हो
साहित्य लाइव से ही कहीं हमारी मंजिल
हमें भी मिल जाए, और हम अपने सपनों को साकार कर पाए। यही एक छोटी सी आशा है।
🙏🇮🇳 जय जवान ,जय किसान🚩
जय हिंद, सत्यमेव जयते। 🙏🙏
जय हिंद 🇮🇳 सत्यमेव जयते।
साहित्य लाईव से जुड़े और अपने अपने विचार व्यक्त करें,, यह मंच आपकों लेख लिखने में बहुत खुबसूरत हैं,, विचारों को लिखें और कवि अवसर प्राप्त करें,,
मीडिया से दूरी बनाए, सावधान रहें सतर्क,,
मेरा नाम पिंकी है। में राजस्थान के सीकर जिले से हूँ लिखना मेरे लिए एक होबी है। मेरे लेख ज्यादा तर सभी मुदो पर होते है। अब वो चाहे सामाजिक हो या किसी व्यक्ति पर लिखे हो पर मेरे विचार हर जगह पर होंगे कुछ बनू या नहीं पर मेरा शोक है। लिखना है। मेरे विचार लोगों तक पहुंचाना है। और में लिखती रहूँगी साहित्य लाइव परिवार का बहुत-बहुत धन्यवाद । जिन्होंने मुझे यह मौका प्रदान किया