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संस्कार

Sangeeta Tyagi 30 Mar 2023 आलेख अन्य भाई का दुलार 31903 0 Hindi :: हिंदी


फोन की घंटी बजी मन बेचैन हुआ, भैया से तो कल बात हुई थी आज क्या हुआ। तभी उधर से आवाज़ आई क्या कर रही है? ज्यादा कुछ नहीं भैया नाश्ते की तैयारी हो रही है। मैंने पलट कर पूछा आप सब क्या कर रहे हैं? बोले बाहर से कचोरी लाया था सब इंजॉय कर रहे हैं। बस बात तो सिर्फ इतनी ही हुई और फोन कट गया लेकिन उनका जो मेरे प्रति प्रेम था वह तो मुझे विस्तृत पूर्ण रूप से मिल गया। मेरी पसंद की चीज आज भी जब घर में लाते होंगे , मुझे लगता है मेरे भाई को मेरे बोल याद आते होंगे।  भाई की दहलीज मुझे याद करती है। वो वाट ढोती और राह तकती है ।मुझे भी याद आता है अपने भाई को आवाज लगाकर कुछ - कुछ बताना और भाभी को थोड़ी- थोड़ी देर में अपने पास बुलाना कभी सुबह का नाश्ता कभी दोपहर का खाना कभी शाम को बाहर जाने का फरमान सुनाना। भतीजे भतीजी से रात भर बातें बतलाना । यही तो भाइयों का प्रेम है, मां बाप के ना होने पर भी उनका एहसास दिलाना। मां-बाप सदा किसी के ना रहे हैं ना रहेंगे उन्हीं के दिए हुए संस्कार है जो हमेशा फूलेंगे फलेंगे।

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