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हवा ने आज

संदीप कुमार सिंह 03 Jul 2026 गीत प्यार-महोब्बत मेरा यह गीत काफी दर्दनाक है जो आप लोगों को काफी रोमांचित करेगा. 79 0 Hindi :: हिंदी

हवा   ने  आज  दिल  खोल  कर   धूम  मचाई  है।
फिज़ा  में  फूलों  की खुशबू  आज खूब उड़ाई  है।

जीव सारे हर्ष  विभोर  हो कर  मस्ती करने लगे।
प्रेमी जोड़े ऐसी खुशबू में एक दूजे में खोने लगे।
आज की  शाम कुछ नशिली अंदाज  में आई है।
फिज़ा  में फूलों की खुशबू  आज खूब उड़ाई  है।

हवा   ने  आज  दिल  खोल  कर   धूम  मचाई  है।
फिज़ा  में  फूलों  की खुशबू  आज खूब उड़ाई  है।

किसी की निरस आँखों में मिलन  की  चाह   आई।
कभी खो गई  थी हादसों  में आज   जान घर आई।
दिल से दिल  तन से तन मिले सुहानी  रात आई है।
फिज़ा  में   फूलों  की खुशबू आज  खूब उड़ाई  है।

हवा   ने  आज  दिल  खोल  कर   धूम  मचाई  है।
फिज़ा  में  फूलों  की खुशबू  आज खूब उड़ाई  है।

उसके दिल में आज  वर्षों  बाद  फूल खिल गया। 
जब उसके  हाथों में  खून से लिखा ख़त आ गया।
उस मासूम चेहरा पर अचानक  से  बहार आई  है।
फिज़ा में फूलों  की  खुशबू  आज  खूब उड़ाई  है।

हवा   ने  आज  दिल  खोल  कर   धूम  मचाई  है।
फिज़ा  में  फूलों  की खुशबू  आज खूब उड़ाई  है।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह*Author*

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