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डॉक्टर भीमराव अंबेडकर

डॉ राजेंद्र यादव आजाद 14 Apr 2025 आलेख समाजिक अम्बेडकर 26501 0 Hindi :: हिंदी

14 अप्रैल 2025 डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 134 जयंती देश भर में मनाई गई।  भीमराव अंबेडकर को केवल अनुसूचित जाति व जनजाति तक ही सीमित कर दिया गया है । भीमराव अंबेडकर की 134 जयंती पर लोग उनकी जयंती तो मना रहे हैं लेकिन उनके विचारों पर ताला लगाकर बैठ गए हैं।  कहीं पर अंबेडकर कथा का आयोजन हो रहा है तो कहीं पर कलश यात्रा निकाली जा रही है।  कुछ तो इतने अंबेडकर प्रेमी है कि वे भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का दुग्धाभिषेक  भी कर रहे हैं। अंबेडकर जयंती के नाम पर चंदा इकठ्ठा कर बडे बडे आयोजन किये जा रहे हैं जबकि इस इकट्ठे हुए धन से ग्रामीण क्षेत्र में कोई बढ़िया सी लाइब्रेरी खोली जा सकती थी जिसमें बैठकर युवा अंबेडकर को जान सकते और अपना भविष्य बना सकते ।  राजनेता भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माला चढ़ाने के लिए खुली जीप में जुलूस निकालते हुए उनकी मूर्ति तक पहुंच रहे हैं।  सड़कों पर धूम धड़ाके व डीजे के साथ महिला पुरुष नाचते गाते अंबेडकर को नमन करने जा रहे  है।  साल में एक दिन अंबेडकरवादी यह दिखावा करके फिर मौन हो जाते हैं क्योंकि उन्हें अब अंबेडकर के विचारों की आवश्यकता ही नहीं रही।  अंबेडकरवादियों ने भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती के इस दिखावे  वाले आयोजन को एक जाति विशेष तक  सीमित करके रख दिया है  । देश के रहनुमा मुसलमानो द्वारा सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा देते हैं लेकिन अन्य संगठन जो अपने महापुरुषों की जयंती या धार्मिक आयोजनों पर सड़कों पर जो हो हल्ला करते हैं उस पर कोई रोक नहीं लगाते । इसके साथ ही आजकल एक नया दौर चल गया है कि धार्मिक आयोजन या फिर महापुरुषों की जन्म जयंती पर निकलने वाली रैली या शोभा यात्राओं के दौरान शरबत  ओर केले रैली व धार्मिक आयोजन में सम्मिलित व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं जिससे सड़कों पर प्लास्टिक का कचरा और केले के छिलके फेंक दिए जाते हैं।  क्या यह उचित है ? शायद नहीं  लेकिन इस पर कोई रोक लगाने वाला नहीं है।  अगर इस विषय पर कोई लिख बोल देता है तो उस व्यक्ति के विरुद्ध ये लोग मोर्चा खोल बैठते हैं । अक्सर लोग कहते हैं कि मैं हमेशा ही नकारात्मक लिखता हूं लेकिन ऐसा नहीं है मैं वही लिखता हूं जो सच्चाई है और यह कड़वा सच है कि आज अंबेडकर जैसे संविधान निर्माता को केवल दलित वर्ग का मसीहा घोषित करके रख दिया है  इन तथाकथित अंबेडकर वादियों ने ।  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एक महान समाज सुधारक विधि विशेषज्ञ और भारत के संविधान को मूर्तरूप देने वाले महापुरुष थे। 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में इनका जन्म हुआ इनके दादा व पिता ब्रिटिश सेना में हवलदार थे।  उच्च शिक्षा प्राप्त भीमराव अंबेडकर ने अपनी लगन व कड़ी मेहनत के बल पर भारत में एक उच्च स्थान प्राप्त किया।  देश की आजादी के बाद उन्हें भारतीय संविधान को मूर्त रूप दिए जाने की जिम्मेदारी दी गई जिसे उन्होंने बेहतरीन तरीक़े से निभाया।  अनुसूचित जाति व जनजाति को भीमराव अंबेडकर ने आरक्षण दिलवाया क्योंकि समाज में इस तबके के साथ उस समय भेदभाव होता था । इस भेदभाव को दूर करने और उन लोगों के सामाजिक और शैक्षिक स्तर को आगे बढ़ाने के लिए आरक्षण का प्रावधान संविधान में लागू किया भीमराव अंबेडकर व अन्य संविधान निर्माता समिति के सदस्यों ने । सदस्यों का मानना था कि सरकारी नौकरी व शैक्षिक संस्थानों में अनुसूचित जाति जनजाति का प्रतिनिधित्व बढे जिसके लिए उनकी जनसंख्या के अनुसार सीटे  आरक्षित की गई।  अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों ने संविधान द्वारा आरक्षण प्राप्त कर  अपना सामाजिक आर्थिक राजनीतिक स्तर तो बढा लिया लेकिन वे भूल बैठे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की शिक्षाओं को।  आज देखा जाए तो सबसे ज्यादा पाखंडवाद व अंधविश्वास में डूबा हुआ है अनुसूचित जाति व जनजाति समाज । धार्मिक आयोजनों पर लाखों खर्च करने वाले ये लोग अपने समाज के गरीब लोगो की शिक्षा की तरफ किसी प्रकार का ध्यान नहीं देते हैं जबकि डॉ भीमराव अंबेडकर चाहते थे कि अगर जो लोग सक्षम हो जाए तो  वे अपने समाज के अन्य गरीबों की शिक्षा पर भी ध्यान दें । आज अंबेडकरवादी केवल मात्र दिखावे की जिंदगी जी रहे हैं वे साल में एक बार डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती का विशाल आयोजन कर उसमें ठीक वही कृत्य करते हैं जिसका विरोध डॉ अंबेडकर ने किया था । धार्मिक पाखंड वाद और अंधविश्वास में डूबा अनुसूचित जाति जनजाति समाज भीमराव अंबेडकर की बतायी शिक्षाओं को भूलकर संविधान प्रदत आरक्षण का उपयोग कर अपने ही समाज के गरीब लोगो  की उपेक्षा कर रहा है।  डॉ भीमराव अंबेडकर को केवल एक जाति विशेष तक सीमित कर दिया है सभी अंबेडकरवादियों को शपथ लेनी चाहिए कि अगली बार जब भीमराव अंबेडकर के नाम पर कोई आयोजन करें तो पाखंडवाद को तिलांजलि देते हुए उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालें और आयोजन को सर्व समाज का आयोजन बनाएं तभी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।। डॉ राजेंद्र यादव आजाद दौसा राजस्थान मोबाइल 941427 1288

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