Pinky Kumari 13 Apr 2023 आलेख समाजिक 13186 0 Hindi :: हिंदी
में कहना चाहती हुँ हम कितना अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है। और क्या सरकार भी जागरूक है। मुझे माफ करना में हमें अपने लेख में गरीबी ,बेरोजगारी, मंहगाई, और सरकार द्वारा किये जाने वाले कार्यो पर बात करती हुँ और करती रहुँगी में मानती हुँ इंसान जितना जमीन पर रह कर सच्चाई को जान सकता उतना वह उपर रह कर नहीं जान सकता यह सब मुदे सच्चाई के हैं। और इन पर में बात तब तक करूगी जब तक यह खत्म नहीं हो जाते मुझे माफ करे कि में अपने लेख में हमेशा सरकार कि नाकामीयो को लिख कर आप के सामने लाति हुँ पर जो सच है। वही में आप लोगों को बताती हूँ और आज के युवा लोगों से में कहना चाहती हुँ खास कर उन लोगों से जो गधी के विरोधी है। उनके विचारो के विरोधी है। पहले ऐसा नहीं था कि लोग गाधीजी को विरोधी समझे पर कुछ बिते सालों में सरकार किताबों में गांधीजी का इतिहास हटाकर और अपना इतिहास पढ़ाने लगी है। और गांधीजी के खिलाफ आज के युवाओं को खड़ा करने लगी है। कहते है। जो चिज हमें बिना किमत और बिना मेहनत कि मिल जाती है। तो हम लोग उस चिज कि किमत और जिसने दिलाई उसको हम दोनो को ही भुल जाते है और यही हाल हमारी आने वाली पीढ़ी का हो रहा है। मुझे लगता कुछ दिनो में सरकार पैसो पर गांधीजी कि तस्वीर हटा कर अपनी फोटो छपवाने वाली है। अगर जमिनी हकित कि बात करे तो सच यह कि हमारा देश महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, भष्टाचार, और असमानताओं, से ग्रसित देश है। और यह बात हमें सरकार द्वारा भुला दी गई है। और हम भुल भी चुके है। हमारे दिमाक में एक ही बात बिठा दी गई है। तुम हिन्दु हो और तुमसे बड़ा कोई नहीं है। मुझे माफ करे में हिन्दू विरोधी नहीं हुँ पर जो सच है। वही में बोल रही हुं सरकार एक तरफा भष्ट्राचार पर ध्यान दे रही है। और अपनी पार्टी को राम भक्त दिखा रही है। न्याय हमेशा बराबर का होना चाहिए पर सरकार भी क्या करे बढ़ावा तो हम ही दे रहे है। हम सरकार के विचारों का विरोध तो करते है। पर अंदर से हम भी राम भक्त है। इस लिए हम सरकार का साथ नहीं छोड़ सकते क्योंकि लड़ाई घंमड कि है। जब लड़ाई घमट कि होती है। तो समझों उस देश को कोई नहीं बचा सकता एक दूसरे से लड़ने से और आज हमारा यही हाल है। हम एक दूसरे से लड रहें है। धर्म के नाम पर जो हमें नहीं करना चाहिए अब बताओं कितना जागरूक है हम अपने अधकारों को लेकर और कितना सरकार में हर लेख में बता चुकी हूँ और वही सारी बाते मुझे बार - बार बतानी पड़ती है। जो आजादी मिली है। ना उसकी इज्जत करना सिखों और जिनके द्वारा मिली है। ना उनकी भी इज्जत करना सिखों वरना अपने ही देश के लोग अंग्रेज बन कर शासन करेगे और फिर कोई नहीं आयेगा गांधी फिर देखना अपने आपकों शर्म आनी चाहिए उन लोगों को जो गांधीजी के विचारों से अपने आपको दूर कर रखा है। हम गाधीजी का ही नहीं हम तमाम स्वतंत्रता सेनानियो का अपमान कर रहें है। जिन्होंने इस देश को आजाद करवाया आज कि साकारों कि बातों में आकर कैसे भुल सकते उन लोगों को आज क़े समय में सरकार उनके खिलाफ हमें खड़ा कर रही है। और हम ही ऐसा करने के लिए सरकार का साथ दे रहे है। मंहगाई बढ रही है। सलैण्डर के दाम 1250 हो चुके है। पैटौल और डिजल के दाम आसमान छु रहे है। जमीनो के दाम बढ़ चुके है तेल का पाऊच 2०० पहुच चुके है। हर चिज पर टैक्स दे रहे है। किसके दम पर दे रहे अपने दम पर या सरकार के दम पर सोचा है कभी ऐसा करके सरकार के खजाने को भर रहे है। सरकार देश का करजा देश कि जनता से वसुल कर रही है। पता है। पर नहीं हम तो राम भक्त है। ना कभी रामायण पढ़ी नहीं चले राम भक्त बनने देखो अपने आपकों कि कितना जमीन पर है। हम और बन्द करो सरकार का चमचा बन्ना सच को जानो और सच के लिए आवाज उठाओं खुद गुलामी में जिरहे है। और चले आजदि दिलाने वालो कि बुराई करने
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