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जनसंख्या

Pinky Kumari 20 Apr 2023 आलेख समाजिक 16660 0 Hindi :: हिंदी

जनसंख्या हम बहोत खुश होंगे क्योंकि हमारा देश जनसंख्या के मामले में चीन से आगे है। शायद यह खुशी मुझे तब होती जब इनमे से उन लोगों को सारी सुविधा मिल पाती जो हमारे पास है। मोटी मोटी बात करूतो गरीबी क्या इस बढ़ती जनसख्यां ने गरीबी बढ़ाई है। या कम करी है। जनसंख्या बढ़ने से देश कि स्थिति सुधरती नहीं है। बल्की दिन प्रति दिन खराब होती जाती है। जो हम आम जनता हर दिन सामना करते है। जितनी जनसंख्या उतनी ही संताधनों कि खपत बढ़ेगी और खपत बढ़ने के साथ- साथ देश कि महंगाई बढ़ेगी और बढ़ती मंहगाई को हम देख रहे है। विश्व पटल पर तो देखे तो हम बहोत बड़ी जनसंख्या है। पर हकीत क्या है। वह देश कि जनता ही जानती है। मुझे तो इतना पता है। कि न्यूज वालो को जनता का ध्यान बटाने के लिए एक और न्यूज मिल चुकी है। मिडिया अब ऐसा ना बोल देना कि यह मोदीजी के वजह से मुकिन हुआ है। क्योंकि सरकार को क्रेडिट लेना अच्छा लगता और गोदी मिडिया को सरकार को क्रेडिट देना अच्छा लगता है। वरना देश के सारे पुरुष महिलाओं से लड़ पड़ेगे यह एक मजाक था मेने वही लिखा है। जो सच है सरकार को हर जगह क्रेडिट लेना अच्छा लगता है। जैसे Rrr मूवी ने ऑस्कर जिता था तो सरकार तुरन्त आगे आयी कि हमारी वजह से ऑस्कर जीता है। और गोदी मिडिया ने नारे लगाने शुरू कर दिये कि देखो इस सरकार ने कितना विकास किया है। कि मूवी ऑस्कर जित पाई है। इसी लिए बोल रही हुँ कि बढ़ती जनसंख्या का क्रेडिट आप मत लेलेना 
जनसंख्या का बढ़ना कोई समझदारी कि बात नहीं है। इसे समझे बढ़ती जनसंख्या महंगाई, गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी, अशिक्षा, देश का विकास में रुकावट, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना आदी  इन्ही मुद्दो को बढ़ाती जनसंख्या रुकावट बनती है। असली खुशी मुझे तब होती जब यही मुदों पर काम किया जाता और इन्हें खत्म किया जाता पर ऐसा नहीं है। उदाहरण ले तो अगर लोखो लोगों में से हजार अगर भुखे सो रहें है। या उनके पास वो मुल भुत जरूरते नहीं जो होनी चाहिए जैसे रोटी, कपड़ा मकान और शिक्षा आदि अगर यह नहीं उन हजारो के पास तो एक तरह से देश के सामने बहोत बड़ी समस्या है। एक तरह से हम गरीबी बेरोजगादी, भुखमरी, अशिक्षा, मंहगाई, आदि इन मुद्दो को बढ़ावा दे रहें है। और इस से प्रभावित वही हजार लोग होगें और यही हजार लोग लाखों बन्ने में देर नहीं लगती है। मेने एक उदाहरण दिया है। समझों हर चिज में आगे होना कोई अच्छी बात नहीं है। समझदार वही होता है। जो दुर कि परिस्थियों को देख ले और पिछे हो जाए मुझे पता है। कि भारत देश अपने आपको किसी भी मामले में पिछे नहीं देख सकता पर यह तो देखों कि हम किसको बढ़ाता दे रहे है। इतनी बुद्धि तो भगवान ने हम इंसानों को दि है। कि हम गलत और सही को चुनाव का सके बाकी सबकी सोच मुझे तो इतना पता है कि यह न्यूज सुन कर हम और जनसंख्या को बढ़ावा देगे जो कि गलत है।

धन्यवाद

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