Niharika Senapoti 20 Nov 2025 आलेख समाजिक कलम की आवाज़ 10211 0 Hindi :: हिंदी
कलम की आवाज़ भी है। यह आवाज़ सीने से साँसों तक बहती है। देश से महाद्वीप तक। हज़ारों लोग हँसे, रोए, दुखी हुए और विरोध जताया।कलम में लोगों के मन और सोच को बदलने की भी ताकत होती है। जब यह ऊर्जा और ध्वनि एक हो जाती है, तो देश बदल सकता है। नवाचार का चलन शुरू होता है।