arti singh 06 Jul 2023 आलेख समाजिक SDM ज्योति मौर्या पर.. 23258 0 Hindi :: हिंदी
पिछले साल जब लखनऊ में एक लड़की ने टैक्सी ड्राइवर को थप्पड़ मारा था । वो मैटर बहुत फैला था..उस समय पुरुष समाज उस लड़की के ख़िलाप तुरन्त कार्यवाही करने को बोल रहा था। यहां तक कि लड़कियों ने भी उस लड़की का विरोध किया था। तब लगा था कि अभी समाज मे अच्छे लोगो की कमी नही है। पर जब आये दिन लड़कियों के साथ रेप , महिलाओ के साथ घरेलू हिंसा होती है ।तब ये समाज के अच्छे लोग कहा चले जाते है इनको साफ क्यों सूंघ जाता है। तब कोई निर्दोष, मासूम,नाबालिक ,लड़कियों के हत्यारो को फांसी की सजा देने की बात क्यों नही उठाता।असलियत ये है कि कितने सालो से पुरुष वर्ग स्त्रियों को मारता पिटता और उनका शोषण करता आया है जो शायद उन्हें कोई नई बात नही लगती ।चूंकि पुरुषों का शोषण कभी नही हुआ इसलिए ये बात अभी नई है ,और ये बात पूरे पुरुष वर्ग के सम्मान की हो गई है जिस वजह से ये मुद्दा ज्यादा उछल रहा। बाकी पुरुषों के साथ भी ऐसा होता रहा तो ये भी कोई मुद्दा नही रह जायेगा चूंकि हमारे समाज के लोग ऐसे ही है ,वो कुछ नया होने पर उसका विरोध तो करते हैं फिर जल्द ही स्वीकार भी कर लेते है।
writen by arti singh