संदीप कुमार सिंह 29 Jun 2026 आलेख समाजिक मेरा यह आलेख (मस्त रहें)आप को मस्त रहने के लिए कहता है. किस तरह से आप अपने-आप को आने वाली बाधाओं से जुझते हुए समाज में एक आदर्श मिसाल प्रस्तुत कर सकते हो. 821 0 Hindi :: हिंदी
मित्रों मस्त रहें _ व्यस्त रहें _ स्वस्थ्य रहें । बरसात के इस मौसम में जरा खास ध्यान रखने की जरूरत होगी। समय के साथ जो तालमेल मिला के चले वही व्यक्ति तमाम प्रकार के बाधाओं को पार करते हुए एक लम्बी पारी तय करता है। चुकी जिन्दगी जीना एक बहुत बड़ी कला है। जिसने जिन्दगी जीने की हुनर को नहीं सीखा वो वक्त से पहले दुनियाँ से रवाना भी हो जाता है । इसलिए भावना यह रहना चाहिए की इस हसीन जिन्दगी को यूँ व्यर्थ में न गंवाया जाय।जिन्दगी में enjoy भी जरूरी है, हसी_मज़ाक भी जरूरी है। लेकिन _ लेकिन आदमी मात तब खाता है जब वह कोई भी कार्य की सीमा से बाहर आ जाता है। इसलिए मेरे विचार से हरएक कार्य की अपनी सीमा होती है तभी वह कार्य शोभनीय होता है। और जिन्दगी का मजा भी कायम रहता है। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....