Pinky Kumari 30 Mar 2023 आलेख अन्य 101468 0 Hindi :: हिंदी
यह उन दिनों की बात है। में पेदा ही हुई थी मुझेसे पहले मेरे दो बड़े भाई थे मुझसे बड़ा भाई जो पहले नम्बर पर था वो मेरी नानी के पास यूपी रहते थे। और मुझसे जो दुसरे नम्बर का बड़ा भाई और में अपनी माँ के साथ राजस्थान के छोटे से शहर सीकर में किराये पर रहते थे। उस वक्त किराया 250 रु था जो उस समय के हिसाब से बहुत ज्यादा थे। मे अपनी माँ की संघर्ष की कहानी सुनाउगी जो आपकी और मेरी माँ की कहाँनी से मेल खाती है। बल्की हिन्दुसतान की तमाम माँओ कहानी एक जैसी है। उसमेसे मेरी माँ की कहाँनी है। यह उस समय की बात है। जिस समय हम नहाने के बारे मे दस बार सोचते है। उस समय मेरी माँ ने ना जाने कितने घरो के बरफ जैसे ठण्डे पानी से बरतन धोये है। और उस ठण्डे पानी से ना जाने कितने घरो में पौचा लगाया है। वो भी सुबह के 3 बजे में दोपहर के तीन बजे की बात नहीं कर रही हूँ अब आप समझगये होंगे मेरी माँ रूटीन की पकी थी और आज भी है। हमें पालने के लिये उसे जिस मौसम में भी जाना पड़ा वो गयी समय पका था वही सुबह की 3 बजे वो ठण्ड पाओं में 6 जुराबों की जोड़ी सिर पर दो मफलर तीन स्वेटर 5 किलो से ज्यादा बोझ अपने उपर लेकर लोगो के घरो में काम किया करती थी मे मेरी माँ का ऐसे ही काम करते हुये में 8 साल की हुयी थी जब मेने देखा मेरी माँ औरो की माँ से अलग है। में उस समय सोचा करती थी की क्या कभी मेरी माँ भी औरो की माँ कि तरह अराम करेंगी क्या मेरी माँ भी औरो की माँ कि तरह मुझे खाना बना कर देगी क्या मेरी माँ भी मुझे स्कूल छोड़ने आयेगी पर इन सब का उल्टा हो रहा था मेने पढ़ाई से ज्यादा मेरी माँ की मदत करने कि सोची पढ़ाई पर भी ध्यान था पर उससे ज्यादा मुझे मेरी माँ की फ्रिक थी में भी सुबह की 3 बजे मेरी माँ के साथ उठा करती थी स्कूल जाने से पहले मुझसे जितना हो पाता था में पूरा काम करके जाती थी पर में आज भी अपनी माँ की नाखून की बराबरी नहीं कर सकती मेरी में धुन की पकी और सौच से ज्यादा महनती थी हम दोनो भाई बहनों को मेरी माँ ने पढ़ाया मेरी माँ चाहें गर्मी या ठण्ड चाहे बारीश हो हर मोसम में मेरी माँ ने काम किया समय 3 बजे का ही रहा काम में इतना मशगुल थी की सुबहे से लेकर दोपहर के 2 बजे तक और फिर शामको 4 बजे से लकर रात 10 बजे तक लोगो के काम किया करती थी आखिर कितना लिखू मेरी माँ की जीवन की कहाँनी किताबे भी कम पड़ जाये मेरी माँ के आगे इतनी है। मेरी माँ की कहाँनी मेरी माँ मेरी जान है। अगर वो हसे तो में हसू अगर वो रोये तो में रोउ हम दोनों के शरीर भले ही अलग हो माँ पर आत्मा एक ही है। । में कभी - कभी सोचती हूँ की मेरी माँ अगर चली गयी मुझे छोड़कर तो में कैसे जिन्दा रहे पाऊंगी डर लगता है। रोना आता है। ऐसे सोचकर भगवान ऐसा दिन दिखाने से पहले मुझे उठाले क्योंकि मुझमें इतना साहस नहीं की में देख सकु भगवान करे मेरी माँ उम्र २०० साल तक जिये मे मरू और मेरी माँ अमर हो जाये मुझे हर जन्म मे तुम जैसी माँ मिले♥️♥️♥️♥️♥️💕💕💕💕💕🙏🙏🙏💞💞💞💞♥️♥️💞
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