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समाज सुधारक एक प्रथा

Pinky Kumari 07 Apr 2023 आलेख समाजिक 15948 0 Hindi :: हिंदी

आज में सामाज सुधारोको के बारे में लिखने जा रही हूँ समाज सुधारक वह जो समाज में चल रही कुप्रथा और गलत के खिलाफ आवाज उठाये उसका विरोध करे उसमें सुधार करे गलत के लिये लड़ने वाला सामाज सुधारक होता है। चलो तो कुछ समाज सुधारको पर ध्यान दे                                                                                 =)(1) राज राम मोहन राय जन्म 22 मई 1772 व मृत्यू 27 सितम्बर1833 में हुई थी इन्होंने समाज में फेल रही कुप्रथा का विरोध किया जैसे सती प्रथा का विरोध, मूर्ति पूजा का विरोध ,जातिवाद का विरोध , बाल विवाह और बहु विवाह का भी विरोध किया इन के प्रयासो के फल स्वरूप 1829 में सती प्रथा पर कानूनी रोक लगी )                                                                    =)(2) विनोबा भावे 1 सितम्बर1895 - 15 नवम्बर1982 इन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सेनानी के रूप मे भाग लिया यह सामाजिक कार्यकर्ता तथा प्रसिद्ध गांधीवादी नेता थे                                                   (3) भीमराव आम्बेडकर 14 अप्रैल1891 -6 दिसम्बर1956  यह भारतीय बहुज्ञ अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और एक महान समाजसुधारक थे                                                                          (4) महात्मा ज्योतिराव फुले यह भी एक समाजसुधारक, समाज के प्रबोधक, विचारक, और एक क्रान्तिकारी, और एक समाजिक कार्यकर्ता थे                                         ( 5) मोहनदास करमचंद गाँधीजी का जन्म 2 अकटूबर 1867 में गुजरात के पोरबंदर जिले में हुआ यह एक समाज सुधारक, और इन्होंने आजादी कि लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया अंग्रेजों के अत्यचारों का इन्होंने विरोध किया इस कारण इन्हे कई बार जेल भी जाना पड़ा इन्होंने कई आंदोलन भी किये जैसे असहयोग आंदोलन,नमक सत्याग्रह,दलित आंदोलन,भारत  छोड़ो आंदोलन,चंपारण सत्याग्रह आदि                                    (6) स्वामी विवेकानन्द जन्म 12 जनवरी 1863 व मृत्यु  4 जुलाई 1902 मे यह वेदान्त के प्रसिद्ध और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे उन्होंने अमेरिका मे स्थित शिकागों में सन 1893 में आयोजित विश्रव धर्म महासभा में भारत कि और से भाग लिय                                                                            (7) डॉ एनी बेसेन्ट जन्म 1 अकटूबर 1847 -20 सितम्बर 1933 ) आध्यात्मिक , थियोसोफिस्ट, महिला अधिकारों की समर्थक लेखिका ,वक्ता एव भारतीय प्रेमी महिला थी                                                              (8) मदर टेरेसा जन्म 26 अगस्त 1910 मृत्यु 5 सितम्बर 1997 ) इन्होंने स्वयम कि इच्छा से भारतीय नागरीकता घहण कि तथा इन्होंने गरीब, बीमार, अनाथ, और मरते हुए लोगों की मदद कि थी कुछ और समाज सुधारक जैसे कबीरदास, गुरु घासीदास, गुरु अमरदास, गुरु बालकदास , सैयद अहमद खान, महात्मा बुद्ध, सावित्रीबाई फुले, आदि यह ऐसे लोग हौ जिन्होंने समाज और इतिहास में अपनी जगह बनाई इन्होंने देश के हित में अपना एक महत्पूर्ण योगदान रहा है। जिन्हे हम भुल से गये है। कहते है। जब कुछ गलत हो तो हमें उस गलत के खिलाफ आवाज उठानी चाहियें हमारे सामने और हमारे साथ कुछ गलत होता है तो हम डर के मारे कुछ नहीं बोल पाते है कुछ भी हो अगर हम गलत बातो का विरोध भी नहीं कर सकते तो हमें उसका साथ भी नहीं देना चाहिये हमारा साथ क्योंकि हमारा साथ देना भी एक तरह से गलत को बढ़ावा देते है। यह वह महान लोग थे जिनको किसी का भी साथ नही मिला यह एकेले लड़े उस उन कुप्रथाओ का विरोध किया जो समाज के लिये घातक थी जैसे इन्होंने बाल विवाह का विरोध किया, सती प्रथा का विरोध किया तथा आजादी कि लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया इन्होंने समाज में चल रहे हर गलत बात का विरोध किया मर जायेगे पर गलत बात का साथ नही देगें पर आज हमारी लड़ाई फोन तक ही सिमित है। असल में अगर हकित देखे तो हम एक तरह से गलत लोगों का साथ देते है वो भी हर कदम पर सरकार द्वारा सारा बोझ हम जनता पर डाल दिया है। हर जगह घूस खोरी भष्टाचार, ज्यादा कमाने कि लालच से बढ़ती मंहगाई चोरी करना, हर रूप से हम गलत का साथ दे रहे है। समाज सुधारक हमारी और आपकी तरह ही तो है। यह बिना किसी जाति धर्म कि परहवा के इस समाज में अपना एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जब इंसान बिना किसी ,धर्म जाति , क्षेत्र, इन सब बातो से उपर उठकर सोचता है। वहीं एक सच्चा समाज सुधारक होता है। जब इंसान इन बातो से उपर उठकर कुछ अलग करने कि सोचता है तो उसे सफलता जरूर मिलती है। और लोगों के हित में किया गया हमेशा जित ही देता है। और हमारा मनुष्य जिवन हुआ ही लोगों कि भलाई के लिये इसे जितना लोगों कि भलाई में लगायेंगे उतना ही हमारा जिवन सफल होगा धन्यवाद

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