शरद भूषण मोंगरा 14 May 2026 आलेख धार्मिक सनातन सूत्र, वेद, पुराण,उपनिषद, धर्मशास्त्र। 11814 0 Hindi :: हिंदी
सनातन सूत्र वेद, पुराण नमस्कार आज से हम आपके लिए लेकर आ रहे हैं एक ऐसा कार्यक्रम जो सवयं में समेटे हुए है सम्पूर्ण सनातन संस्कृति और सभय्ता को। सनातन - सनातन एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है "शाश्वत" या "नित्य"। यह एक प्राचीन और व्यापक अवधारणा है जो हिंदू धर्म, जैन धर्म, और बौद्ध धर्म में पाई जाती है। हिंदू धर्म में, सनातन धर्म को अक्सर वैदिक धर्म या हिंदू धर्म के रूप में जाना जाता है, जो एक शाश्वत और सार्वभौमिक धर्म है जो सभी जीवों के लिए एक सामान्य सत्य मार्ग को दर्शाता है। या यूं कहीं अनादि काल में जो मानव का धर्म हुआ करता था वही सनातन था। यह वही सनातन धर्म है जिसको आज हम हिन्दू धर्म के नाम से जानते हैं। यहाँ हम बात कर रहे हैं भारतीय सनातन संस्कृति को संजोकर रखने वाले वेद शास्ञो, पुराणों और उपनिषदोंकी। सारी दुनिया को ज्ञान का पाठ पढ़ाने वाले और परचार परसार करने वाले भारत के आधयात्म की बुनियाद इन ही वेद पुराणों और शास्त्रों पर आधारित है। क्या आप जानते हैं दुनिया भर के देश भारत से इतने क्यों प्रभावित होते हैं इस का जवाब है भारत का आधयात्म। वो चाहे योग, धयान, ज्ञान हो, जप तप या फिर ईशवरीय साक्षात्कार, सभी तरीकों से नर तन को ईशवरीय रास्ते पर लगाना भारत के आधयात्म का उद्देश्य रहा है आज भी जिसके सूत्र वेद और पुराणों में सुरक्षित हैं जिन को अपनाकर मनुष्य मानव जीवन को धन्य कर सकता है मोक्ष प्राप्त कर सकता है। सनातन धर्म संस्कृति को जिंदा रखने में वेद, पुराणों का महत्वपूर्ण स्थान है जिनके ऊपर भारत का सम्पूर्ण आधयात्म टिका हुआ है, चाहे पत्थर से फूल उगाना हो, या हथेली पर पौधा उगाना, नदिया का रुख बदलना हो या धरा से पानी निकाल देना इस प्रकार के सभी चमत्कार भारत के ऋषि मुनि जपी, तपी, ज्ञानी अपने प्रभाव से अनादि काल से करते आ रहैं हैं। यही नहीं किसके मन में क्या चल रहा है किसी अन्य जगह पर क्या घट रहा है यह भी उन्हें अंतर ज्ञान से ज्ञात हो जाता था। भारत की इस आध्यात्मिक पद्धति द्वारा ईश्वर तक की खोज की जाती थी। भारत के इसी प्रेममयी आध्यात्मिक को अपने भीतर समेटे हुए वेद पुराणों कथाओं और शास्त्रों की जानकारी से हम आपको विस्तार से अवगत कराना चाहते हैं इस कार्यक्रम के द्वारा आपको वेद पुराणों के साथ सम्पूर्ण सनातन धर्म की जानकारी से अवगत कराया जाएगा। निश्चित ही आपको आधयात्म सनातन धर्म व संस्कृति से जुडा़ हुआ यह कार्यक्रम पसंद आएगा ऐसी हम कामना करते हैं। लेखक - शरद भूषण मोंगरा