मोती लाल साहु 03 Jul 2023 शायरी समाजिक #बोझा उतना ही- उठाओ जितना उठा सको #ऐसा नहीं कि- ज़िंदगी ही बोझा बन जाए। 37196 0 Hindi :: हिंदी
"बोझा उतना ही- उठाओ जितना उठा सको" "ऐसा नहीं कि- ज़िंदगी ही बोझा बन जाए"!! -मोती
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