" का से कहूं ये जीवन की गाथा
जुबान मिला ना अनुभव को
कही जाए ना ये बखानी ,
उस रब की बरसती है कृपा
धारा बन बहती जीवन की
का से कहूं ये जीवन की read more >>
तमन्ना-ए-दिल में लिए !!
पर्वत कहीं चोटी होगा -
अरमानों से ऊंचा कोई शिखर ,
ना हीं दिल से गहरा कोई सागर
जज्बा-ए-सफर में -
जिंदगी से मंजिल तक read more >>