उठ रही है-उठ रही है-
उठ रही है-उठ रही है
ये तन से महक..उठ रही है..
आ रही है-आ रही है-
धीरे-धीरे आ रही है
याद आ रही है पिया की
उड़ रही है ये मन म read more >>
हमें जिस-
सूर की तलाश है,
वह तो रूह की आवाज है..
वह तो राज है-
गैब-ए-इल्म कि आवाज है..
मेरी खुद-
की आवाज है वो ईश,
का नाम है ईश्वर ने पुकारा ह read more >>