एक लड़की रोज शाम को 5:30 बजे पार्क में आकर वहीं एक बेंच पर बैठ जाती और उसके ठीक 10मिनट बाद एक लड़का भी उसी के पास आकर बैठ जाता
वहां से दो बेंच read more >>
बहुत हार चुकी हूं मैं
कभी - कभी मन करता है
कि ऐसी नींद में सो जाऊं
और कभी उठ ना सकूं मैं
थक चुकी हूं खुद से ही मैं
अब ऐ खामोशी दिल की
सही न� read more >>
डगमगा गई थी कुछ देर के लिए
पर अब संभल गई हूं मैं
जिसके पीछे भाग रही थी
वो एक परछाई है, अब समझ गई हूं मैं
उस रोशनी के पीछे भागी
जिस रोशनी क� read more >>