Ranjana sharma 24 Sep 2023 कविताएँ दुःखद याद करोगे तुम#Google# 29558 0 Hindi :: हिंदी
हम ना रहेगें तो
तुम याद करोगे
साथी तुम फिर
मेरे लिए फरियाद करोगे
गर जो दिल भर आए
तो आंसू बहोगे
थम गया जो लम्हा
तो लौट कर ना ला पाओगे
मुकम्मल मेरी जिंदगी का
तुम ना लौटा पाओगे
हाथ जो छोड़ दिया मैंने
फिर ना थाम पाओगे
ता उम्र तुम मुझे
भूल ना सकोगे
पीछे पछताने का
मौका ना ढूंढ पाओगे
मेरी मंजिल का कारवां
जो तुम डूबोगे
कल अपनी मंजिल भी
तुम तलाश ना कर पाओगे
हाथों की लकीरों से
जो मुझको मिटाओगे
सच कहती हूं यारा
फिर ऐ लकीर ना
जोड़ पाओगे
धन्यवाद