मंजिलें जिद्दी है तो हम भी कहां कम है
समय कठिन है तो हमे भी सरल कहां पसंद है,
रास्ते टेढ़े है तो लक्ष्य कहां सीधा है,
मिल जाए जो दरिया तो � read more >>
लिख रहा हु जो आज अंजाम उसका आगाज आयेगा l
मेरे लगू कटरा इन्लालाब लायेगाl
मैं रहूँ या न रहूँ पर मेरा वादा है तुमसे l
मेरे बाद वतन पे मरने व� read more >>
जो इस मिट्टी का मन न ,
जो तिरंगे का सम्मान ना रखे हैं
मिता दो उस विपाक्षी को जो तुम्हारे पक्ष में हाथ न रखे ll
……जय हिंद
__रोहित यादव � read more >>
जब जब पड़े कलम के निशान कागज पर ,
सिमट कर आ गया सारा जहान कागज पर,
जमाने वाले मेरे जाने के बाद मुझे समझेंगे ,
छोड़ जाऊंगा अपनी जुबान कागज � read more >>