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संदीप कुमार सिंह
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संदीप कुमार सिंह
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संदीप कुमार सिंह
@ sandeep-kumar-singh
, Bihar
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me.
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गरीबी ने मारा-गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया जिंदगी की सारी कलियाँ ही मुरझा गई
गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया, अपनों के भीड़ से सरेआम बाहर कर दिया। अपने ही समाज ने जिल्लत भरी जिंदगी है दी, जिंदगी की सा�
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अंतिम दिन बनवास का होगा रावण अंत-खुशियाँ भारत वर्ष में करते जय जय संत
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अंतिम दिन वनवास का,होगा रावण अंत। खुशियाँ भारत वर्ष में,करते जय_जय संत।। अंतिम दिन वनवास �
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मन में धीरज राखिए तभी मिलेंगे नूर-श्याना बनकर हम यहां लेते रहें सरूर
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" मन में धीरज राखिए,तभी मिलेंगे नूर। श्याना बनकर हम यहां,लेते रहें सरूर।। मन में धीरज राखिए,
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होगा भला समज का जब खुद में हो शक्ति-कुछ ऐसा ही काम कर मिले न कहीं विरक्ति
#विधा:- दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" होगा भला समाज का,जब खुद में हो शक्ति। कुछ ऐसा ही काम कर,मिले न कहीं विरक्ति।। होगा भला समा�
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अपने को जो मानते-लगते हैं दिलदार ऐसा दिल अब है लगा
#विधा:-मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अपने को जो मानते,लगते हैं दिलदार। ऐसा दिल अब है लगा,करता दृढ़ किरदार। ऐसे दृढ़ किरदा�
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जलता दीपक आस का-देगा शुभ परिणाम
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" जलता दीपक आस का,देगा शुभ परिणाम। तन मन चन्दन तब बने,खुशबू दे अविराम।। ऐसी खुशबू है इसे,करत�
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करवा चौथ-आया करवा चौथ है लाया खुशी हजार
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" आया करवा चौथ है,लाया खुशी हजार। पत्नी ने पति के लिए,करी भव्य श्रृंगार।। आज करेगी चाँद का,प�
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मुझ पर यह अहसान कर-मुझ से कर ले प्यार
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" मुझ पर यह अहसान कर, मुझ से कर ले प्यार। और करो अधिकार भी, बनकर यूँ दिलदार।। मन से मन को मेल क�
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नमक छिड़कते घाव पर-ऐसे गन्दे लोग लेते हैं तब वह मजा
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" नमक छिड़कते घाव पर,ऐसे गन्दे लोग। लेते हैं तब वह मजा,जैसे उनको रोग।। नमक छिड़कते घाव पर,हो�
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पहले जैसे अब कहाँ-मिले नहीं कुछ बात
#विधा:=दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" पहले जैसे अब कहाँ,मिले नहीं कुछ बात। कुछ तो काला दाल में,भीषण मय है रात।। पहले जैसे अब क�
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