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Suraj pandit

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@ suraj-pandit
, Jharkhand

"मेरा नाम सूरज पंडित है। मैं बचपन से ही अनेक कहानियों का साक्षात्कार करता आ रहा हूँ। मैंने अपने मन को कविता और कहानी लिखने की ओर आकर्षित होते देखा है, और तब से अब तक मैंने कई कविताएँ, कहानियाँ और गीत लिखे हैं, जो मानवता, प्रकृति और प्रेम पर आधारित हैं। मेरी कई कविताएँ प्रकाशित हो चुकी हैं तथा मैं कई पुस्तकों में सह लेखक के रूप में भी कार्य कर चूका हूँ।मेरी लेखनी का उद्देश्य समाज में प्रकाश फैलाना और उसे एक नई दिशा दिखाना है। मुझे "वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ अन्थोलॉजी"🏆 और 'भारत कवि रत्न'🏆 पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।"

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बालक था मैं उस समय , आन्ध्कार मे ढका था जीवन । प्रकाश लेश मात्र ना था , खो रहा था श्वाशन । आन्ध्कार मे बैठ , उजाला कि कल्पन� read more >>
क्यों हताश हो जीवन में, क्यों हो उलझे हुए तुम । यह समय है इम्तिहान का, क्यों हो मायूस तुम । फिर मिल जाएगी यह कलियां, मिल जाए read more >>
इस मिट्टी की गाथा कैसे गाऊं, अनंत है इसकी गाथा। अनंत है इसकी कहानी। जो शहीद हुए इस देश के लिए , अमर थी उसकी जवानी। इस मिट्टी में ज read more >>
एक अन्ह सोचा रहा, बैठ अंधेर कमरे में। सूर्य की किरणों से तेज चमक रहा एक प्रभा जिसकी न थी कोई कल्पना न थी जिसकी कोई रचना बस माँ की कहानि� read more >>
यह मिट्टी है इस देश की, दुनिया इसे चूमेगी । विपिन रावत की कहानी, आज हर दिल से निकलेगी। पल रहा था एक जनरल , उत्त read more >>
कभी सोचा है तुमने, उन जीवो के बारे में। कभी सुना है उसकी चित्कार क्यों कर रहे दानव आचरण, जिसका कभी ना था ऐसा व्यवहार। न लिखी read more >>
वह नन्हा सा जीव फुलो सी कोमल थी। साथी वह सुख -दुख की प्रेम हृदय में छिपाई थी। क्रीडा करता साथ उसके मुख पर हँसी छाई थी। उसकी क्रीडा यो � read more >>
न मिला वह कंधा, बैठ दुनिया देखने की। न वह अंगुली, पकड़ गलियां घुमने की। न मिला स्नेह उसका गलतियों में राह दिखाने की । कह गए बिच राह, छो� read more >>
होई अंकुरण जगत में, लगत ऐसो चंद्रमुखी सुहाई । देखत न कोई चंद्रमुखीयन सो, होई आँखों में चंद्रमा छुपाई । सोचत अंकुरण � read more >>

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