सबको खुश रखने की कोशिश में खुद को भुला बैठा मैं,
औरों के घर रोशन किए, अपना ही घर जला बैठा मैं।
सबकी सुनता रहा मैं 'हाँ' में 'हाँ' मिलाकर त� read more >>
मुसाफिर को नई राहों का मंज़र मिल गया है,
मेहनत का उसे आज समंदर मिल गया है।
कल तक जो था खुद इक अदना सा तालिब-ए-इल्म,
आज उसे उस्तादों का व� read more >>