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ये जो चेहरे पे चमक है, ये सदा रहने की नहीं, वक्त की लहर है साहब, ये रुकने की नहीं। ​कांच के घर में रहकर पत्थर से मोहब्बत कैसी? ये जो मिट्ट� read more >>
दुनिया को फतह करने का अरमान न पाल तू, पहले अपने मन के अंधेरों को ढाल तू। ​बाहर तो मिल जाएँगे लश्कर तुझे कई, अंदर जो चल रही है, वो जंग संभ� read more >>
लिखने बैठूँ तो ज़माने भर के मंज़र कम हैं, मेरी आँखों में जो छुपे हैं, वो समंदर कम हैं। ​जिन्हें डर है कि बयाँ करने से शब्द घट जाएँगे, वो read more >>
હું ય લખું છું ને તું ય લખે છે, ખબર નથી પડતી આ વાંચે કોણ છે. ​કાગળ ઉપર આ લાગણીઓ ઉતરે છે, પણ હૃદયના ધબકારે એને માપે કોણ છે? ​અહીં અક્ષરોન� read more >>
હવે તારી સ્મૃતિની એ, અસર મારે નથી રાખવી, જ્યાં કદર ના હોય મારી, એ ડગર મારે નથી રાખવી. ​હતી જે દર્દની મોસમ, હવે એને વિદાય આપું, ભીની આ આંખ� read more >>
એને એમ કે સાથ છુટી ગયો એટલે પ્રેમ પતી ગયો, ભ્રમ એનો આ હાથ છુટી ગયો એટલે પ્રેમ પતી ગયો. ​નજરથી દૂર થવું એ તો સમયની એક ચાલ હતી, એ સમજી કે રસ� read more >>
किसी को अपनी पूरी दुनिया बनाना ठीक नहीं, वो साथ तो चले, मगर मेरी ज़मीन कहीं नहीं। रिश्तों की उड़ान हो खुली हवा की तरह, एक ही पर टिकी रहे read more >>
किसी को अपनी पूरी दुनिया बनाना ठीक नहीं, वो साथ तो चले, मगर मेरी ज़मीन कहीं नहीं। रिश्तों की उड़ान हो खुली हवा की तरह, एक ही पर टिकी रहे read more >>
समय बड़ा अनमोल है, इसे यूँ ही न गँवाओ तुम, बर्बाद भी करना हो तो, किसी ख़्वाब पे लुटाओ तुम। सिक्कों में नहीं तौला जाता, दिलों में बसता है � read more >>
मतला: वक़्त के आईने में मेरा सच नज़र आता है, जो मैं बनकर चलता हूँ, वही रूप बन जाता है। हर लम्हा सवाल बनकर रूह से टकराता है, मेरी खामोशी क� read more >>
दुनिया ने मुझसे पूछा, तूने क्या कमाया है, मैंने कहा, मेरे दिल ने सुकून पाया है। सोने की चाह में जब चैन को भुलाया है, हर रात ने मुझे मेरे � read more >>
जंगल का राजा भी बन जाता है तमाशा यहाँ, जब अपनी चाल छोड़ दे, दुनिया की भाषा यहाँ। पिंजरे सोने के हों तब भी, घुटती है हर साँस यहाँ, आज़ादी � read more >>
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