(दोहा छंद)
रुग्ण लोग से दूर रह, मन में भर उत्साह।
सदा गात पर ध्यान रख, आते कभी न आह।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(� read more >>
(रोला छंद)
लब पर हो नव गीत,हृदय में उमंग रखिए।
जीवन में संगीत, आप नित पथ पर चलिए।।
चलना ही है जान, आयु हो तब ही ज्यादा।
करें पूर्ण सब काम,क read more >>
(दोहा छंद)
पैसा जरुरी आज है, बिना नहीं हो काम।
करें मेहनत खूब जब, होता है तब नाम।।
पैसा जब हो पास में, पूछे सब जन यार।
साथ देय तब आपका, खुश� read more >>
(दोहा छंद)
नशा नाश का मूल है, इससे रहिए दूर।
मंशा पूरी हो सभी, खुशियों में हो चूर।।
नशा नाश का मूल है,इसको लगा न हाथ।
कर्म सदा अपना करें, � read more >>
(दोहा छंद)
जय जवान हैं देश के, सरहद रक्षा काम।
शान्ति अमन है देश में, दुनिया में है नाम ।।
सेना के जवान लड़े, दुश्मन का कर नाश।
खुशियां द� read more >>