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(दोहा छंद) समय समय का फेर था, गए वनवास राम। रावण का वध थे किए,अमर हुआ तब नाम।। समय समय का फेर था, सत्य गया था हार। भरी सभा में द्रौपदी, करी read more >>
(कुंडलिया छंद) जिसकी जैसी भावना, प्रभु का भी तस दृष्टि। वैसा ही वह कर्म कर,पाता आसी वृष्टि।। पाता आसी वृष्टि,तेज तब उसका बढ़ता। देता � read more >>
(दोहा छंद) मिली अहं को मात जब, दानव बने विनीत। पछताए मन में बड़ा, बनना चाहा मीत।। मिली अहं को मात जब, हुआ मजबूत धर्म। भक्ति भाव सबमें बढ� read more >>
(कुंडलिया छंद) जीवन में हर कार्य पर,करिए अवश्य तर्क। गुलशन होगा तब जहां,बनिए सबके अर्क।। बनिए सबके अर्क,राह प्रशस्त कर सबका। बने रहनु� read more >>
रंग रूप में विषमता, भारत की पहचान। फिर भी सब में एकता,यही हमारी शान।। करें मेहनत हम सभी, दिलो जान से साथ। लाते समृद्धि देश में, रहें मि� read more >>
पल-पल उठाये तिरंगा, नेताजी का सपना है यह दंगा। आजादी के लिए जगा दिया, स्वतंत्रता का नारा लगा दिया। नेताजी, नेताजी, हमेशा याद रहेगी तेर read more >>
तू बेवफा निकली मेरी जिंदगी, तुझसे क्या नजर मिलाऊँ। मौत तो वफा निकली, करूँ बंदगी, इसी को गले लगाऊं।। साथ छोड़ जाती है जिंदगी जब, दामन read more >>
इतना क्या शरमाना, प्यार करते हो तो, दिल तो लगाना, इस मुहब्बत में एक बार, हमें तो आजमाना, इतना क्या शरमाना।। हमपे मरती हो, जमाने से ड� read more >>
तू खामोश है लेकिन तेरी आँखें बोल रही है। ये आँसू ना बहा, जो हर वक्त अनमोल रही है।। ये आँसू की कीमत जमाना क्या जाने, जो बरबाद न हो उसे दि read more >>
बेटी ------ बेटी तु जो समजे पाप तो यह तेरे नजरो का दोष भाया बेटी है एक कोहनुर हिरा प्रेम का अपुर्व सागर गहरा बेटी तु जो समजे पाप.....।।धृ।। � read more >>
जब रचाएँ होंगे वे मेंहदी, उनकी हाथ की लकीरों से। हमारी तस्वीर नजर आयी होगी, जब लगाए होंगे आँखों में काजल, दर्द होती होगी किसी अनजान त� read more >>
कुछ तो काला दाल में, सूरत पर है हर्ष। बात करें वह गर्व में, फिर भी हो उत्कर्ष।। कुछ तो काला दाल में,मिलता मुझ से रोज। करता बातें खूब ही, � read more >>
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