सुनहरे पल जो गुजर गये हैं, उनकी यादें संजो रहा हूं।
आंखों की आदत है भीग जाना, मत समझना के रो रहा हूं।
कमल नयन थी जो आंखे, जाने कैसे यूं तन read more >>
काव्यागन---
काव्य यात्रा-- 37
प्रदत्त शब्द ----अनंत
दिनांक17/3/2023
शीर्षक---अनंत अभिलाषाऐ है
अनंत है अभिलाषाऐ!
अनंत है आशाएं !
अनंत है जीव� read more >>
नखरे ही नखरे में राधे ढल गई,
वो सिम्पल छोरी मुझको तो पागल कर गई।
देखा था उसको जब पहली बार,
दिल को वो मेरे गई झनकार।
देखते ही देखते वो मन � read more >>