स्वरचित रचना- कुछ मन की, कुछ मन के विचार!
संदर्भ-अजनबी प्यार !
*देखा न हाय रे, सोचा न हाय रे!
रख दी निशाने पे जान!
कदमों में तेरे निकले मेरा read more >>
स्वरचित रचना- हे नारी शक्ति तेरी महिमा,.............।
संदर्भ--- नारीशक्ति वंदना
हे नारी शक्ति तेरी महिमा
मैं किन शब्दों में गान करूं।
हे आदि � read more >>
लाल लाल,हम सब हैं लाल ।देव भी लाल, दानव भी लाल,हम सब हैं लाल लाल।।देव तो कुमकुम से लाल,दानव तो रक्त से लाल,हम सब हैं अपनी खुशी में लाल ‌‌ read more >>
शहर मैं जब आया ,
थोड़ा सा घबराया ,
देख उसकी भव्यता को,
मन मेरा सकुचाया,
मन मेरा उदास था ,
घर न मेरे पास था।
पर मुझपे भी जिम्मेदारी थी।
मां read more >>
मेरा देश महान था ,महान था ,महान था,
आचरण की सभ्यता का सम्मान था,
वेद शक्ति ही थी गूंजती सदा जहां,
मंत्र भी थे उच्चता पाते वहां,
मैं उस देश � read more >>
गीत-देवाहून श्रेष्ठ असे देवस्थान
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देवाहुन श्रेष्ठ असे देवस्थान
ते आहे मानवा ,माणुसकीचे नाते
माणुसकी शिकवी ,आम्हा एकच read more >>
गीत- चलो आज सच बोला जाय।
रचना- जितेन्द्र शर्मा
तिथी- 02/01/2023
चलो आज सच बोला जाए!
भेद कोई अवशेष रहे ना, क्यों ना आज दिल खोला जाए।
चलो आज सच ब� read more >>