भगवान भोलेनाथ के श्रीचरणों में, सादर साष्टांग निवेदित, स्वरचित लोकभाषायी अवधी रचना।
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हथवा त्रिशूल,डमरू,नन्दी पे read more >>
स्वरचित रचना--- किसी से कोई प्यार नहीं करे....!
संदर्भ---प्यार-मोहब्बत
दिल देता है रो-रो दुहाई,
किसी से कोई प्यार न करे!
बड़ी महंगी पड़ेगी ज read more >>
स्वरचित रचना---आओ सुनाएं.........!
संदर्भ--- श्री रामकथा।
आओ सुनाएं तुमको
रामकथा बड़ा प्यारा। !!टेक०!!
भटके हुए लोगों सुन लो,
होगा कल्याण तुम� read more >>
स्वरचित रचना---जिंदगी न सही,................!
संदर्भ---गम ए जुदाई
जिंदगी न सही, तू मौत ही बनकर आ जा।
आ मगर‌ आ,तू इक बार तड़प कर आ जा
आज बादल उमड़ पड़ read more >>
स्वरचित रचना- कुछ मन की, कुछ मन के विचार!
संदर्भ-अजनबी प्यार !
*देखा न हाय रे, सोचा न हाय रे!
रख दी निशाने पे जान!
कदमों में तेरे निकले मेरा read more >>
स्वरचित रचना- हे नारी शक्ति तेरी महिमा,.............।
संदर्भ--- नारीशक्ति वंदना
हे नारी शक्ति तेरी महिमा
मैं किन शब्दों में गान करूं।
हे आदि � read more >>
लाल लाल,हम सब हैं लाल ।देव भी लाल, दानव भी लाल,हम सब हैं लाल लाल।।देव तो कुमकुम से लाल,दानव तो रक्त से लाल,हम सब हैं अपनी खुशी में लाल ‌‌ read more >>