ये कौन है, जो घर में शाम को बस आता है ।
ये कौन है, जो मुझे थोड़ा सा प्यार जताता है ।।
मेरी भी आंखे तकती है, अब माँ के साथ
ये कौन है, जो सब� read more >>
स्वरचित रचना- मरना है तो खा के मरो.......!!!
रचनाकार---महेश कुमार
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इस धरती पर बोझ बने जो,
उनका यही तराना है!
कि, मरना है त� read more >>
ऐ जिंदगी यूं परेशान न कर,
मुझे अपने सपने सजोने दिया कर,
रोज़ सजाती हूं अरमानों को अपने,
कम से कम उन्हें टूटने तो मत दिया कर,
थक चुकी हूं ल read more >>