यादें - बचपन की
यादों के उन उधड़े चिथड़ों को
आज भी फिर से जीना चाहता हूं
आज फिर से उस बचपन को जीना चाहता हूं......
कितना आनंदित था मैं
न सोने read more >>
कुछ सवाल - कुछ जवाब
न कोई कलम, न कोई किताब, रखता हूं
पल भर की जिंदगी है यह सोच
न कुछ लेने का, न कुछ देने का, हिसाब रखता हूं........
न अलीशान महलो� read more >>
ऐ जवानी जरा रुक तो
अभी तो तेरी आहट गूंजी ही है,
कहना तो बहुत कुछ है तुमसे
मन की बात मगर.....
अभी तू कहां राज़ी है।
ये इल्म तो था कि तू अभिम� read more >>
ढोल नगाड़े बज उठते है ,जब कुल दीपक घर आता है ,
वंश परंपरा की अगली पीढ़ी में,एक नया नंबर जुड़ जाता है |
बेटा ,माँ का दुलारा ,नैनों का तारा ,
भाई ,ब read more >>
कोई बात नहीं
जो आज रात है
उम्मीद रख
कल फिर भोर होगी
जिंदगी आज गर ऐसी है
कल कुछ और होगी.....
हर अँधेरी रात के बाद
सवेरा होगा ही.....
गर आज वक़्� read more >>
एक लड़की मेरे इतने करीब आकर चली गयी,
जैसे कि मुझको मुझसे ही चुराकर चली गयी,
उसके बिना मैं खुद को अधूरा - सा समझता हूं,
पतंग संग डोरी का र� read more >>