तुम ऐसे गए ,घर वीरान कर गए,
वेदना का स्वरूप चौगुना कर गए,
जानती हूं फिर याद आओगे तुम हर बात में हमें,
वो बीते दिन और जीवन भर की यादें,
पर जो read more >>
जीवन का सफर, बदलते रंग,
सिखाता है हर पल, कुछ नया अंग।
सपनों की उड़ान, हर कदम पर,
बदलता इंसान, नया व्यक्ति बनकर।
सोचों का संग, और नया दृष्ट� read more >>
महिला, नारी, स्त्री, औरत
है तेरे नाम अनेक,
है तेरे रूप अनेक,
कहलाती है तू कभी माँ,
कभी पत्नी, कभीबहन,तो कभी बेटी या फिर कभी अच्छी सहेली,
ल� read more >>