प्यारी मां !
प्यारी मां !
है सब से तू न्यारी मां !
मेरी प्यारी मां ।
सब कुछ लुटाकर तूने, जन्म दिया है मुझको,
सर्वस खोकर तूने, गले लगाया है� read more >>
जीना चाहता था मैं एक ऐसी दुनिया में,
जहां लोग छल-कपट से परे हो,
समझे सभी को अपने,
बनकर जिए और समझे अपने ।
सोचता-सोचता बस बनकर रह गया मुसा� read more >>
40 वर्षों के बाद भी मैं वहीं खड़ी थी
टूटी हुई बिखरी हुई,
आज भी चेहरे भी चेहरे पर खुशी न थी
आंखों में चमक न थी ,
आज भी हर चुनौती के सामने
डटक� read more >>
थे जब हम चुप्पी साधे,
जब थे बेबस, बेसहारे,
बस चुप करा दिया हमको,
जब कुछ कहने की थी बारी।
आज तो बस आवाज़ उठाने की है हमने ठानी,
न बैठेंगे च read more >>
डर और दर्द दोनों का है नाता कोई ,
है नाता जो दोनों में बहुत गहरा,
तभी तो चीख उठी उस दर्द के मारे,
कह उठी सारी सच्चाई की दास्तां बयां,
इसील� read more >>