[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
मुझे गलत न समझना-मैं नहीं पागल दिवाना
मुझे गलत न समझना, मैं नहीं पागल दिवाना। मैं तो हूं तेरा प्रेम पुराना, आ जा पास मेरे रंजना। अम्बर से भी तारे लाऊँ, दुनियाँ के हर कोने म�
read more >>
दिवाली पर कविता-दीपावली की रौशनी खुशियों का त्योहार है
दीपावली की रौशनी, खुशियों का त्योहार है, दिलों में उम्मीदों की किरण, सजीवनी का आह्वान है। रंग-बिरंगी रौशनी, घरों में दीपों का पर्व है,
read more >>
नदी और किनारे-नदी बन तुम कुछ इस तरह बह जाते हम तुम दोनों किनारों में सिमट जाते
*नदी और किनारे* नदी बन तुम कुछ इस तरह बह जाते, हम तुम दोनों किनारों में सिमट जाते, साथ रहेगा हमेशा पर कभी मिल पाते, किनारे-किनारे पता नही�
read more >>
आँखों में वही चेहरा-जम गई काजल सा
आने से उसके छा गई एक नशा, हवा भी चली कुछ अंगड़ाई लेते हूए। मन में भी हलचल हुई कुछ अजीब सा, आँखों में वही चेहरा जम गई काजल सा। धीरे-ध�
read more >>
समझो जीवन अर्थ को हमें मिला वरदान-जगत सजा संगीत से बनिए सदा सुजान
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" समझो जीवन अर्थ को,हमें मिला वरदान। जगत सजा संगीत से,बनिए सदा सुजान।। समझो जीवन अर्थ को,रहे
read more >>
तेरी क्या औकात है सरा हुआ है अक्ल-अब तक भी पीछे रहे करते खाली नक्ल
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" तेरी क्या औकात है,सरा हुआ है अक्ल। अब तक भी पीछे रहे,करते खाली नक्ल।। तेरी क्या औकात है,आए �
read more >>
जीना है तो सीख ले जीने के सब ढंग-अनुभव की जब दीप हो रहे प्रगति तब संग
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" जीना है तो सीख ले,जीने के सब ढंग। अनुभव की जब दीप हो,रहे प्रगति तब संग।। जीना है तो सीख ले,जी
read more >>
नारी तेरा संग हो फिर तो है आनंद-सुख दुख को हम बांट कर पिएं नित्य मकरंद
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" नारी तेरा संग हो,फिर तो है आनंद। सुख दुख को हम बांट कर, पिएं नित्य मकरंद।। नारी तेरा संग हो,�
read more >>
गरीबी ने मारा-गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया जिंदगी की सारी कलियाँ ही मुरझा गई
गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया, अपनों के भीड़ से सरेआम बाहर कर दिया। अपने ही समाज ने जिल्लत भरी जिंदगी है दी, जिंदगी की सा�
read more >>
अंतिम दिन बनवास का होगा रावण अंत-खुशियाँ भारत वर्ष में करते जय जय संत
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अंतिम दिन वनवास का,होगा रावण अंत। खुशियाँ भारत वर्ष में,करते जय_जय संत।। अंतिम दिन वनवास �
read more >>
मन में धीरज राखिए तभी मिलेंगे नूर-श्याना बनकर हम यहां लेते रहें सरूर
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" मन में धीरज राखिए,तभी मिलेंगे नूर। श्याना बनकर हम यहां,लेते रहें सरूर।। मन में धीरज राखिए,
read more >>
होगा भला समज का जब खुद में हो शक्ति-कुछ ऐसा ही काम कर मिले न कहीं विरक्ति
#विधा:- दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" होगा भला समाज का,जब खुद में हो शक्ति। कुछ ऐसा ही काम कर,मिले न कहीं विरक्ति।। होगा भला समा�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1621
to
1632
of
6966
results
‹
1
2
...
133
134
135
136
137
138
139
...
580
581
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder