"इंसानों को बटते-
ये रंगभेद करते देखा"!
"कहते ईश्वर-अल्लाह-
भगवान् रूप कई देखा"!!
"सो भाषा बीच है-
नाम अनेक रूप कई देखा"!
"जगत धरा में रूप-
read more >>
एक लेखक का जीवन भी,
बड़ा कठिन होता है ।
न कोई, साथ देता है,
न कोई, काम देता है।
मेहनत कर लो, चाहे कितनी ही,
जेबें खाली, रह जाती हैं।
उसके हि� read more >>
खुशियों की चाबी, माता देगी आज ही, खुश होकर कह दे बस जय माता दी, खुशियों की तिजोरी खुद खोलेगी माता तेरी मेरी।
अब ना कर देरी, जय माता दी कहत� read more >>
#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
आता है सच सामने,मंथन जब हो तेज।
और दूध का दूध हो,मन में हो अंगेज।।
आता है सच सामने,वक्त रहे अ� read more >>