वक्त बदलता नहीं , इंसान बदल जाते हैं !
बंद आंखों से तो , अंधेरे भी नजर आते हैं !
हर खेल अपनी नजरों का तजुर्बा होता है !
रेल की खिड़की से देख� read more >>
वक्त बदलता नहीं , इंसान बदल जाते हैं !
बंद आंखों से तो , अंधेरे भी नजर आते हैं !
हर खेल अपनी नजरों का तजुर्बा होता है !
रेल की खिड़की से देख� read more >>
मैं सुध बुध खो देता, आपका नाम भी मुझे बहुत सुकून देता, आपका एक एक बोल मेरे जीवन में शक्कर खोल देता, जुदाई में आपकी यादों में डूबा रहता, जु� read more >>