जीवन के ये मूल हैं, ये ही हैं जगदीश।।
जीव सभी के प्राण हैं, सुनते सरल पुकार।
सुनते सरल पुकार, उद्धार करते सबका।
पापी का कर नाश, करे धरती � read more >>
जीवन है इक साधना, प्यार भाव है खास।
कर्म राह ही मूल है, छोड़ें कभी न आस।।
जीवन है इक साधना, नियम योग हो साथ।
प्रेम भरे हो भावना, मंजिल मे� read more >>
कर्मों का फल भुगतना पड़ता है, खेती करने से अन्न उगता है, जवानी में आराम करने वाला भूखा रहता है, चोर अपमान सहता है, इंसान फिर भी बुरे कर्म � read more >>
कुछ करने की जब थी ख्वाहिश, दुनिया ने ना समझा, जब हमें किसी लायक, कुछ बड़ा करने की जब थी ख्वाहिश, सामने खोदी जब इस दुनिया ने हमारे गहरी खाई� read more >>