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(दोहा छंद) सावन जल बरसे अभी, चमक रही है दूब। हरी चुनरिया ओढ़कर, धरती लगती खूब।। हरी चुनरिया ओढ़कर,वसुंधरा है मग्न। जो देती है अति खुश� read more >>
(दोहा छंद) पुरुष स्त्री सब सौम्य है, रग रग में है प्यार। बरसे सावन झूम के,लाया दिव्य निखार।। बरसे सावन झूम के,पानी में है जोश। भींग भीं read more >>
हादसे इंसान के संग, मसखरी करने लगे लफ़्ज़ कागज़ पर उतर कर जादूगरी करने लगे क़ामयाबी जिसने पाई, उनके घर तो बस गये जिनके दिल टूटे वो श� read more >>
इश्क़ है न चाह है,तुझे पाने की, फिर भी करीब रहो,ये अच्छा लगता है ख्वाब है या हकीकत दर्मिया अपने, फिर भी तुम्हे सोचना,अच्छा लगता है दूर read more >>
(दोहा छंद) अपने मुंह मिट्ठू बने, ऐसा करो न काम। मिले गवाही लोग से, सुन्दर जिनके नाम।। अपने मुंह मिट्ठू बने,हाँके खाली झूठ। फँसना कभी न या read more >>
(दोहा छंद) धरती के भगवान से,रखिए सब परहेज। ज्यादा रखें लगाव तो, कर देगा निस्तेज।। धरती के भगवान तो,धरती मातु विशाल। राजा रंक समाय सब, इ read more >>
(दोहा छंद) पहले जैसे अब कहां, प्यारे प्यारे लोग। लगे हुए सब होड़ में,और बढ़े नव रोग।। पहले जैसे अब कहां, उमस भड़ी है बात। चक्कर काटे खू� read more >>
(दोहा छंद) मारा मारा मैं फिरा,प्यास न जाने जात। मुझे अजनबी थाम कर, नेह किया बरसात।। यही बात है सीखना, प्यास न जाने जात। रहते कांटे फूल � read more >>
सूर्य का प्रकाश नहीं समान, कभी धूप कभी छाया, मां की ममता में संतान को कभी फर्क नजर नहीं आया। मां ने प्यार से कुछ भी खिलाया पिलाया, मां क� read more >>
(दोहा छंद) संयम वाणी पर रखें,फिर होता है प्यार। जरा जरा सी बात पर, हो जाता है खार।। जरा जरा सी बात पर, कर लें हम सब ध्यान। दे सकते हैं सीख read more >>
भोली सी, प्यारी सी, होती है, मा की ममता मुरत ये, न्यारी सी, होती है ,उसकी अच्छाईयाॅ अपने आँचल में, हमको सवारती दुनिया भर का प्यार, हम पे लु� read more >>
हाँ मेरी रैंक नीचे है बात सच है कुछ सब्जेक्ट में अभी थोड़ा  तो हम पीछे है, लेकिन इसमे घबराना कैसा कुछ नंबरो के आगोश में इतराना कैसा ज़ि� read more >>
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