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(दोहा छंद) मौका रहे तलाश में,दुर्जन हैं विष घोल। पानी पानी हो रहा,मानवता का मोल।। पानी पानी हो रहा,रहे निर्लोभ शांत। लोभी को बरसात मे read more >>
(दोहा छंद) अच्छा तथा खराब भी, खुशियों में कचनार। पानी पानी हो रहा,शहर गांव सब यार।। पानी पानी हो रहा,मानवता का मोल। मौका रहे तलाश में,� read more >>
तुम कही बुला न सके हम कहीं आ ना सके भावनाओं से भरी भीड़ थी जिसको स्वयं से मिटा ना सके। कदम लेखनी बनकर चलते गए आशा और इच्छा पनपते गये। � read more >>
(दोहा छंद) पानी पानी हो रहा, मौसम है बरसात। सावन भी अब जोर में, हुई सुहानी रात।। पानी पानी हो रहा,भले लोग जो आज। निर्लज खाया लाज को,करता read more >>
जब से तुमको देखा जैसे हो जीवन रेखा कितने और भुलावे लेकर पहुंच गए हैं शशिरेखा। करुण कर्ण कि मूक परीक्षा देने से क्या होगा मेरे तुममें read more >>
(दोहा छंद) प्रेम रंग में लीन हैं,खुशियाँ लिए हजार। सारी सीमा तोड़कर, पर्वत के उस पार।। सारी सीमा तोड़कर,किया सरल व्यापार। जो था पूंजी read more >>
(दोहा छंद) खुद पे हो विश्वास जब,जीने में तब रंग। सारी सीमा तोड़कर, जीत यहां सब जंग।। सारी सीमा तोड़कर,पर्वत के उस पार। प्रेम रंग में ली read more >>
(दोहा छंद) सारी सीमा तोड़कर, खुद पर है विश्वाश। हरदम जीवन जंग है,होने मत दूं नाश।। सारी सीमा तोड़कर,करना है नव काम। जिसमें भला समाज का, read more >>
नई सोच उगता सूरज नई सोच तो छिपता सूरज निराशा घाट घाट जो भाषा बदले घाट घाट नहीं सोच मन कभी भागा इधर मन कभी भागा उधर नई सोच के इस चक्कर � read more >>
Poem- "My Little Star". By- Jitendra Sharma. On the dark blue sky, a little star Twinkles and glows, so very far That I can't see it with my eyes, But only feel its warm embrace. It seems to watch me from afar, A tiny diamond in the night, A beacon of hope and guiding light, A reminder that all is right. I wonder what it's like t read more >>
गौ माता,गौ माता कहते,किसको तुम बतलाते हो। गाय घूम रही गली-गली और कुत्ते को सहलाते हो।। हम ऐसी नगरी में रहते हैं कुत्ता मेरा गाय को तेर read more >>
क्यों इतनी बेरुखी है तुममें, क्यों रहते हो इतने खामोश, सम्हालो खुद को, भर लो जीवन में जोश..! अकेले मत समझ, मैं हूं ना...! समझोता हमने खुद स� read more >>
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