एक डाल पर पल्लव,
उसी पर जरी पात है।
एक में जोश, दूजे में होश,
दोनों पर समय का हाथ है।
एक देखे उत्तर, दूसरा दक्षिण,
देखे नहीं एक दूजे को।
क� read more >>
(मुक्तक छंद)
मौसम आया है जवाँ,मन की आँखें खोल।
तुम भी बन जा अब जवाँ,हद में रहकर बोल।
मधुर मधुर फिर सृजन कर,सबसे कर पहचान_
अपनी सरल पहचान � read more >>
(मुक्तक छंद)
मिलने तुम आओ कभी,पिला नयन का जाम।
सावन की मधु रात में, हो जा मेरे नाम।
तुम मेरी हो प्रिय गजल,और मनोहर खास_
बनकर सावन की घटा,ब� read more >>