वो मोहब्बत ही क्या जिसमें खुद को खोया न जाए,
वो शहादत ही क्या जिसपे देश रोया न जाए।
दहेज में माँ ने दुआएं दीं और पिता ने हौसला,
सरहद पर ब� read more >>
वो कहते हैं चमक देखो, दीवारों का निखार देखो,
इन सोने की सलाखों में, तुम शाही ठाठ-बाट देखो।
हर दाना है मोती जैसा, हर बर्तन है चांदी का,
पर म read more >>
उठो कि अब विश्राम नहीं,
रुकना तेरा काम नहीं।
समय की धारा को मोड़ दे तू,
हर पुरानी बेड़ियाँ तोड़ दे तू।
न हार का गम, न जीत का मोह,
बस कर्म मे� read more >>
हथेली की लकीरों में छुपा, कोई राज नहीं होता,
जो झुक जाए तकदीर के आगे, वो सरताज नहीं होता।
माना कि वक्त की लहरें, कभी विपरीत बहती हैं,
मगर � read more >>
न कोई चूक हुई मुझसे, न कोई अपराध किया,
फिर भी वक्त ने सजा सुनाई, ये कैसा न्याय जिया?
मैंने बोए थे फूल सदा, काँटों का उपहार मिला,
निर्दोष खड़ read more >>
वक्त की गर्द में आज अगर तू खोया है,
मुसीबतों के कांटों को अगर तूने बोया है,
तो घबरा मत, ये बादल भी छंट जाएंगे,
आज जो मुश्किल हैं, वो कल सवे� read more >>
राहों में कांटे होंगे ही, पैरों में छाले आएंगे,
मंजिल की धुन में राही, कई बार डगमगाएंगे।
गिरना कोई हार नहीं, ये तो बस इक विराम है,
जो गिर� read more >>