मैंने सपनों की छोटी सी गली में, तेरे नाम का दिया जलाया,
सोचा था सात फेरे ले कर, तुझे अपने घर ले जाऊँगा।
मन में था सीधा‑सादा सपना, तेरा हाथ read more >>
कहीं दूर से आवाज है आई,
कभी तो अपने लिए जी ले मेरे भाई।
खुद को नीलाम कर जो जमा की है तूने पाई -पाई,
एक दिन दुनिया छोड़ चला जाएगा तू,
यही रह � read more >>
कहीं एक खालीपन था, जो भर नहीं पाया,
एक चेहरा अपना–सा था, जो सच में अपना बन नहीं पाया।
सुबह की पहली धूप में भी तेरी ही कमी सी लगी,
भीड़ के ब� read more >>