[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
तेरा मेरा साथ-किनारों सा सड़कों के चलता रहा
तेरा मेरा साथ तेरा मेरा साथ किनारों सा सड़कों के, चलता रहा सुदूर कभी ना मिल पाए हम, दाएं बाएं मुड़ मुड़ कर चल कर भी सीधे कभी नहीं ना एक
read more >>
पानी अदभुत तत्व है-करिए हद में खर्च
(कुंडलिया छंद) पानी अदभुत तत्व है,करिए हद में खर्च। तभी धरा गुलजार हो,नित्य करें नव सर्च।। नित्य करें नव सर्च,बनें ज्ञानी का साथी। फैल
read more >>
वो याद है ना जब बचपन में हम नाराज होते थे मां से
वो याद है ना जब बचपन में हम नाराज होते थे मां से, तब उस नाराजगी और मां के मानने का एक अलग ही बात होती थी, रूठते हम थे तो चप्पल मां की निकल �
read more >>
नेकी करते हम चलें-होगा बड़ा प्रताप
(दोहा छंद) नेकी करते हम चलें, होगा बड़ा प्रताप। भागे बाधा दूर तब, खुशियों में हों आप।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीप
read more >>
माया में सब लीन है-भूल गए हैं मूल्य
(कुंडलिया छंद) माया में सब लीन है,भूल गए हैं मूल्य। सब रह जायेगा यहीं,जाओगे बन शून्य।। जाओगे बन शून्य,जन्म ले फिर से आना। फिर माया में फ
read more >>
माया से संसार है-सबका अपना दाम
(कुंडलिया छंद) माया से संसार है,सबका अपना दाम। खुद को तुम अति योग्य कर,करिए सुंदर काम।। करिए सुन्दर काम,समाँ रौशन तब रहता। छोड़ें कभी �
read more >>
गर्मी का मौसम अभी-तापमान है गर्म
(दोहा छंद) गर्मी का मौसम अभी, तापमान है गर्म। बदन पसीना मय रहे,चाहत रहती नर्म।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देव�
read more >>
वो बचपन जाने कहां गुम हो गया है-जाने वो शैतान कहां खो गया है
मासूमियत भरे चेहरे के पीछे एक शैतान हुआ करता था, और वो शैतान भी कितना नादान हुआ करता था, अपनी छोटी छोटी शरारतो से सबको परेशान किया करत�
read more >>
गुलशन मय हो तब धरा-खिले सभी की साध
(दोहा छंद) गुलशन मय हो तब धरा,खिले सभी की साध। मिले सभी को न्याय तो, होगा कम अपराध।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(
read more >>
होनी टाले कब टली-फिर भी करें न शोक
(दोहा छंद) होनी टाले कब टली,फिर भी करें न शोक। रखिए साथ उमंग को,खुशी मिले बेरोक। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे�
read more >>
अटखेली बाला करे-गाती दिलकश गीत
(दोहा छंद) अटखेली बाला करे,गाती दिलकश गीत। देती है अदभुत खुशी,लगे रम्य संगीत।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे�
read more >>
अटखेली में डूबकर- मैंने देखा खूब
(दोहा छंद) अटखेली में डूब कर, मैंने देखा खूब। भागे तब दुखड़ा सभी,लगूं भव्य महबूब।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2845
to
2856
of
6903
results
‹
1
2
...
235
236
237
238
239
240
241
...
575
576
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder