...हमेशा एक प्रश्न-
की तरह जिंदा रहता हूं,,
... ख़ुद से-
ख़फ़ा हूं मैं जानता हूं,
अब कभी उत्तर नहीं मिलेगा,,
...दिल में-
रखता हूं.. आपको,
तुम्ह read more >>
जिंदगी को जिया मैंने
अपनी तरह! न जाने क्यों?
लोगों की नजर में हम खटकत्तै रहे! कुछ राह में मिले हैं! अजनबी की तरह
कुछ पास आ गए हैं !
अपनों � read more >>
सरहदे ,बंदिश बनी है।
आज,तब - जब
निभानी थी। मुझे, एक रस्म ,
संसार की,
जो जोड़ देगी ,किसी दिल से
मुझे
अभी ,कुछ है ।
जिन्दा बची, ,ख्वाईशे मे� read more >>