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सखि कैसे भूलूं उनको! दुखते जीवन का संसार, उन बिन कैसे जाऊं पार। यादों के उस छोर कोर को पुलकित मन को फिर झकझोर सस्नेह दिया भर भर मुस्कान read more >>
मैंने तो बात की बात कही थी, तूने बात को क्या बात समझ लिया। तूने समझा सो समझा, मैंने तेरे मग़ज़ के मज़मून की, जात को समझ लिया। तुझे गिरान� read more >>
कुछ भी नहीं हाथ में फिर भी, तुम क्यों अकड़ कर बैठे हो | मिलें हैं चंद लम्हें यहां पर तुमको, फिर भी क्यों अपनो से ऐठें हो | भरोसा नहीं कि क read more >>
कलम, तब बोलती है। जब मन मे विश्वास बोलता है। खामोश , आंख से इन्सान बोलता है। दिल ,ये तराजू ,के जैसे हर एक हिसाब तोलता है। वक्त ,की घड़ी read more >>
एक तरफा मोहब्बत, करा देती है मौत के दर्शन, आपकी मौत का उसको नहीं होता दुख, जिसके प्यार के लिए मरने पर भी तू होगा खुश। इस एक तरफा प्यार की read more >>
जय_ जय _ जय ओ मां मेरी , मैं प्रथम वंदना करूं तेरी । * किशोर * नाम अमर कर दे , उसकी वाणी वेदों में भर दे । मैं निसदिन पूजा करूं तेरी , जय _जय _जय � read more >>
समय था बलवान वही घूम आया। जो जैसा किया वही भोग पाया। दो शब्द से वाक्य चार बन गये। सम्बन्धों की कटुता यूं ही बढ़ती गई नये संवाद बन गय read more >>
जिन्हें नहीं है प्रीति हमारी, उनसे मन क्यों उलझाएं। जीवन में रही विफलता तो, कांटों पर क्यों शीश झुकाएं। नहीं रहा अब शेष, तुम्हारे आल� read more >>
न रुकना है न झुकना है, सैलाब बन बढ़ते जाना है। खूनों में रवानगी है, सांसों में हलचल, हर हाल में चलते चलना है। नफरत जो आज हर दिल में समाय� read more >>
पता नही क्यों ?... कुछ चीजे न अधुरी ही अच्छी लगती हैं पता नही क्यों लोग चीजे पूरी करने के लिए क्या कुछ करते हैं| अधुरा चाँद भी कितना खूबस read more >>
पीरियड्स कहने को महज एक शब्द है पर इसमें छुपा लड़कियों का एक नया जहान है पर ना जाने क्यों लोग इस पीरियड्स को समझने से भागते हैं खुलकर सम read more >>
नहीं कहता है मन, इस भांति द्रवित हो। कहीं विश्वास डूबा है, यही अहसास हो। पग डिगे या फिर दिशाएं शुन्य हो जाएं, इस सुषुप्ति की व्यथा का फ read more >>
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