आज सुबह जब मैं नींद से जगा और सामने देखा,
प्रभात की खुशबू से वातावरण सुरभित था।
बड़ा मन ही मन आनंद का अहसास हो रहा था,
और लग रहा था की आज � read more >>
कविता संग्रह
1 बिछड़न.........
जब अगले साल यही वक़्त आ रहा होगा...
ये कौन जानता है कौन किस जगह होगा...
तू मेरे सामने बैठा है और मैं सोचता ह� read more >>