ए मन तू विचलित ना हो ना, अपना धैर्य तू कभी न खोना
अडचने आए लाख तू मन मेंआंच ना आने देना मन पक्का करके तू कर्म किए जाना खुशियों को पड़ेगा त read more >>
जब से जीवन में आते हो,
पग पग पर फूल बिछाते हैं।
उस बात पर तुम मुस्काते हो,
जिस बात पर हम घबराते हैं।
कहने को सब कुछ तेरा है,
जो मिटा नहीं व read more >>
शब्द का प्रभाव और,
वजन कम हो गया।
कहता हूं पर कोई सुनता ही नहीं,
मुझे खुद पर वहम हो गया।
मेरे प्रभाव का परास,
अब सिमट रहा है।
खूब जमाने क� read more >>
कोई बनाता है कोई-
बिगड़ता है यह तो सदियों,
से चली आ रही है-परंपरा है,,
प्रकृति अपने आप-
बनती है सवंरती है और,
बिगड़ जाती है फिर बनती है,,
� read more >>
आज आप-
जिस भी चीज,
का सामना कर रहे हैं,,
बेशक आप-
हो सकता है कठिन,
परिस्थितियों से गुज़र रहे हैं,,
यक़ीनन-
इस स्थिति में भी अपनी,
आशा का द read more >>