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कागज पर ,जैसे किसी ने , दिल से, कुँदेरा हो । वाह क्या ?,गजब गजब के सुन्दर शहर है। ये इस घरती पे कुदरत ,क्या, हैरान है ? शायद, read more >>
अच्छा है दिखता नहीं, आने वाला काल। गरमी से बदहाल है, सभी प्राणि की चाल।। अच्छा है दिखता नहीं,मौसम का अब रंग। दिखे असर प्रतिकूल है,बदल ग read more >>
*मय या मयखाना कौन कहता है कि मय मय्यसर नही मय खाने में। डूबना चाहो उतनी मिलेगी, उतर कर देखो तहखाने में । जज्ब कर लेगा गहरी बातों को जि read more >>
क्युं जाति के नाम पर गुनाह हजारों पल रहे हैं, उच्च नीच की तराजू में नित तोल रहे हैं । क्या ठप्पा लगाकर आए थे सब के मैं धनी तु निर् read more >>
दूर तुमसे न जाएंगे हम लो ए वादा किया सनम फासलें आ जाएं कितनी भी प्यार होगा न हमारे दरमिया कभी कम शिकवा ,शिकायतें, गिला सब कर लेना मगर read more >>
कविता = ( भगवान ) आत्मा ही परमात्मा ! फिर भी ढूंढ़ें भगवान !! पत्थरों में तराश रहा ! रोज़ नए भगवान !! आत्मा की बददुआ ! न खाली जाए वार !! आत्मा � read more >>
कविता = ( किरदार ) एक पर्दा है संसार ! हम सब हैं एक किरदार !! अदाकार की अदाकारी ! देख रहा वो बैठा पार !! ख़त्म न होती यहाँ कहानी ! बस बदलते हैं क read more >>
छोटी सी आशा और घना अंधेरा सिर्फ साथ मेरे एक जुगनू लंबी रात के बाद सवेरा कब तलक जला के रखूं रुई की मशाल को फिर से छाए� read more >>
हम लोहा है हमे गोली जैसे चलने दो हम स्थूल विचारो के गट्ठर हैं आदम के सांचे में ढलने दो । हम भी मनु की संतान ह� read more >>
सुबह की रोशनी जैसे मिमियाती बकरी थोडा सा धूप हुई जैसे कन खडे खरगोश लू सी बहती गरम दुपहरी जैसे चतुर लोमड़ी हुई सांझ की होई गय बव� read more >>
गलत हूं मैं या सही हूं....मैं तुम मुझे बता दिया......करो..!! दोहराया ना जा सके गलतियां इसलिए हो सके तो सज़ा दिया..करो..! क्या हैं चेहरा मेर� read more >>
बड़ी आशाएं होती हैं एक लड़की की,उन आशाओं में रंग भरना उतना ही मुश्किल, मुश्किलों और जमाने से लड़,जब एक नारी निकलती हैं अपने सपनो की उड़ा read more >>
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