Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
चित्र की अभिव्यक्ति है यह, मेरे मन की जागृति है। यह एक अद्भुत संबंध है, कजल और जल का। एक _दूसरे के बिना जीना संभव ही नहीं, इसलिए तो मैं क read more >>
ख्याल अच्छा सबको ही रखना चाहिए, अच्छे ख्याल से ही अच्छा जिंदगी जी सकते। खाली बड़े _बड़े ख्वाबों से, जिंदगी नहीं चलती है। यह मनुज जन्म read more >>
साम्राज्य की मनसा रखना चाहिए, इसी बहाने आगे ही आगे बढ़ना है। अच्छे कर्मों का साम्राज्य बनाना है, एक पूर्ण सुखद दुनिया बनाना है। साम read more >>
पता नहीं तेरे दिल पर क्या लिखा था हम पढ़ ना सकें तेरे जहन में क्या चल रहा था हम उतर ना सकें तू थी और तेरा दीवाना पन हम समझ ना पाए कितनी उ� read more >>
कुछ करने की अब चाह नहीं ....... कुछ करना भी चाहु तो राह नहीं जी करता है मर जाऊं क्योकि जीने की आशा नहीं तेरे प्यार ने रोका है वर्ना अब कि� read more >>
कुछ देर बैठ साथ ... आओ कुछ देर बैठ समय साथ बितायेंगे ख़ामोश बैठ कुछ दिल की बतियागें एक नयी दुनियां में खुद को पायेंगे करेगें बातें चांद read more >>
*कभी हँसते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी* *कभी रोते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी।* *न पूर्ण विराम सुख में,* *न पूर्ण विराम दुःख में,* *बस जहाँ दे� read more >>
मुझको बदला नहीं किसी ने.. खुद मैं बदल गई, खुद ही फिसल गई थी मैं.. अब खुद ही संभल गई, नहीं रहा सहारा किसी का, हमदर्द मैं खुद के लिए बन गई, यह दुन read more >>
क्यूँ कहते हो की कुछ बेहतर नहीं होता, सच तो ये है की जैसा चाहो वैसा नहीं होता, कोई तुम्हारा साथ न दे तो गम न कर, खुद से read more >>
ना कर निर्वस्त्र उस प्रेम को जिसने सृष्टि सीचा है, ना कर मजबूर उस प्रेम को, जिसने तुझे संवारा है, हो सके तो लाज रख राधा-कृष्ण ,शिव- सती का � read more >>
बलवंती भुजाए, चोडा़ सीना चहरे पे सूर्य जैसा तेज लिए । रणं बाँकुरे ,राजपूत योद्घा । देखा, चितोड़ के रणं मे आज ,हुंकार भरेगे । हाव -भाव read more >>
संस्कार गुण दोष से,दुनिया में हो मान। लोभ क्रोध को त्याग कर,बने भव्य इंसान।। संस्कार गुण दोष से,करे आकलन लोग। फिर वैसा बर्ताव कर,करते read more >>
Join Us: