ये बात समझ में आई नहीं ओर किसी ने समझा नहीं कैसे करूं मन की बात ये सा कोई ही नहीं जो मान में बात थी वी मान में ही रह गई जो दिल में बात थी वो � read more >>
# जिन्दगी .....
मध्यमवर्गीय जिंदगी ,
कर्जदारों की बंदगी
बंट गई है किश्तों में ,
आगे और कुछ नहीं ......!
चिन्ता नेताम " मन "
नगर पंचायत डों� read more >>
मंदिर में मूरत किस काम की है जब किसी के घर में रोटी ना शाम की है दिल दुखी है मन उदास है फिर पूजा किस काम की कोई रो रहारा मंदिर के बहार फिर � read more >>
हरी घास की गोब सी लहलाती हुई जो तुम आती हो,
हवा के झोंकों सी कुम्हलाकर, अचानक जो मुझे छू जाती हो
साँसे थामे रखता हूँ मैं, फिर भी मदमस्त क� read more >>
कभी पास बैठ तो सही तो अपना हल ऐ दिल कहे।
तुम्हारे बिना हम कितने तनहा रहे ।।
ज़माने के डर से मगर चुप ही रहे।
कभी मिलो तो दिखाऊ तेरे बिन हम � read more >>
ज़िंदगी है ख़ूबसूरत बस जीना आना चाहिए,🥰 हर एक पल खोबसूरत बस महसूस करना आना चाहिए, 😍 न जाने कब क्या हो जाए, ये कोन जनता है। बस हर एक पल खू� read more >>